Tuesday, November 4, 2008

ख्वाहिश दिल की

" दिन में खुश हैं, रात में,
हम तो खुश हैं,
बस उनसे हुई उस दो पल की मुलाकात में"

दिल के एक कोने में अब भी वो कसक बाकी है ,
तुझको देखने की एक आखिरी ललक बाकी है
पाने को तो सब कुछ पा लिया है जिंदगी में,
बस तेरी एक प्यार भरी झलक बाकी है

सुनने को तो सुना है मोजार्ट का म्यूजिक भी,
पर तेरे घुंघरू की खनक सुनने की चाह अभी बाकी है
यु तो चला हूँ जिंदगी की हर राह पर,
पर तेरे मेरे प्यार की राह पर चलना अभी बाकी है,
मरते मरते गुजारी है पूरी ज़िन्दगी ,
तुम्हारे साथ चैन के दो पल बिताना अभी बाकी है।

1 comment:

Unknown said...

Well flavoured ..........needs only a real Moazrt music to rock the world