Friday, August 29, 2008

नही आया मेरा यार...


मौसम था मस्ताना,
सब कुछ अच्छा लग रहा था,
आज मैं मिलूँगा उनसे,
यह सोच कर ही मन खुश हो रहा था।

12बजे की मुलाक़ात थी,
बज गए थे चार,
12कप चाय पी ली थी मैंने,
पर आया मेरा यार

था मैं निराश और हताश,
था गुस्सा उन से,
तय किया इस बार मैं रुठुन्गा,
और बात करूँगा उनसे

हवा ने बड़े अदा से मुझसे कहा,
बात कर ले अपनी प्रेमी से,
वरना तू पछतायेगा,
और बात करके उनसे,
तू अपने को ही तड्पाएगा

बात मैं कर लेता पर,
मेरा अहम् मेरे प्यार से टकरा गया,
सोचा जब उन्हें नही परवाह हमारी,
तो हम भी परवाह नही करते,
याद आयेगी तो वो बात करेंगे,
हम इस बार पहल नही करते

वो रात थी बेचैनी की,
तड़प की, इंतज़ार की,
इंतज़ार उनके फ़ोन का,
तड़प उनसे बातें करने की,
पर मैं भी था जिद्दी,
उस रात की उनसे बात,
नींद तो आई हमे,
पर जैसे-तैसे कट गई रात

सुबह हुई, हुई दोपहर,
शाम को हारकर हमने ही किया फ़ोन,
उठाया उन्होंने और कहा,
"सॉरी, आई वांट यू नो मोर। "

टूट गया मेरा दिल,
रोया था फुट फूटकर उस दिन अकेले में,
नफरत हो गई मुझे प्यार से,
अब तनहा जीने लगा मैं

पर तनहा रहने का भूत रहा सिर्फ़ दो दिन,
तीसरे दिन मिल गया मुझे मेरा नया यार,
बातें हुई, बातें बढ़ी,
और मुझे फ़िर से हो गया प्यार

आज फ़िर 12 बजे की थी मुलाक़ात,
बज गए हैं चार,
डरा हुआ हूँ मैं,
क्योंकि अभी तक नही आया मेरा यार


6 comments:

rocky said...

bhai maja aa gaya.......but who is tht 'YAAR' a girl or a???????plz specify tht.....

Unknown said...

mast ankur..gr8..koi yaar hai kya?????bata bhi de :P

GK MADE EASY said...

nice poem,but kaha se copy paste maari hain ?:)

Unknown said...

Abe MERA yaar.........???????

Ankuuuuuurrrrrrr is evrythng alright.....

Unknown said...

Ankur Joshi has reached to the peak of contemporary popular poetic styles. His poem has got all the contents , i.e.- irony and dark humour. I believe this boy will one day win a booker prize.Best Wishes...

lohit matani said...

Love comedies are seen very less among poems.

Ankur has done an innovative job by making this.